‘Gen-Z ने प्रधान का इस्तीफा लिया, अब VC पद छोड़े’: पटना यूनिवर्सिटी में AISF का हंगामा, विश्वविद्यालय बंद कराया; 4 दिन से भूख हड़ताल पर छात्र
पटना यूनिवर्सिटी में बवाल: AISF का विरोध प्रदर्शन चरम पर
पटना यूनिवर्सिटी एक बार फिर से छात्रों के प्रदर्शनों का केंद्र बन गया है। 13 सितंबर, 2026 को Gen-Z के नेतृत्व में प्रधान का इस्तीफा लिया गया और अब छात्रों की मांग है कि कुलपति (VC) भी अपना पद छोड़ें। विश्वविद्यालय में AISF (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन) के बैनर तले लगातार चार दिन से भूख हड़ताल जारी है। इस विरोध के चलते विश्वविद्यालय को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
विरोध और भूख हड़ताल: छात्रों की मुख्य मांगें
- कुलपति (VC) और अन्य प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों का इस्तीफा
- परीक्षा परिणामों में धांधली की निष्पक्ष जांच
- नए SSC पैटर्न के अनुसार पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली लागू करना
- छात्र संघों की बहाली और पारदर्शी चुनाव
- विश्वविद्यालय परिसरों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली
चार दिन से भूख हड़ताल: छात्रों पर मंडराया स्वास्थ्य संकट
छात्रों की भूख हड़ताल ने अब विकराल रूप ले लिया है। चार दिन से लगातार भूखे बैठे लगभग 30 छात्रों की हालत गंभीर हो गई है। पटना मेडिकल कॉलेज से आए डॉक्टरों की टीम ने कई छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है, परंतु छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। AISF के नेता सुमित कुमार ने कहा, “जब तक VC इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया
पटना यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से छात्रों से कई बार वार्ता की कोशिश की गई, लेकिन छात्रों का कहना है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता है और समस्याओं का हल नहीं करता। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि छात्रों की मांगों पर विचार किया जा रहा है, और जल्द ही निष्पक्ष जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। बावजूद इसके, छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी गेट बंद कर दिए हैं और कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर नहीं जा सकता।
AISF का आरोप: ‘Gen-Z’ की नई शिक्षा नीति के खिलाफ है आंदोलन
AISF ने आरोप लगाया कि Gen-Z की नई शिक्षा नीति विश्वविद्यालय के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना है कि प्रशासन ने बिना छात्रों की सलाह के SSC, 0, 1, 2, 3, 4 जैसे नए मूल्यांकन और पाठ्यक्रम लागू कर दिए, जिससे छात्रों का शैक्षणिक और मानसिक विकास बाधित हो रहा है।
प्रदर्शन का असर: विश्वविद्यालय बंद, परीक्षाएं स्थगित
AISF के इस विरोध और भूख हड़ताल का सीधा असर पटना यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक माहौल पर पड़ा है। विश्वविद्यालय को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। सभी परीक्षाएं और कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा, छात्रों के अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है।
छात्रों का भविष्य अधर में, समाधान की तलाश जारी
शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच लगातार बैठकें चल रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस हल नहीं निकला है। छात्रों ने साफ कहा है कि वे VC के इस्तीफा देने तक पीछे नहीं हटेंगे। राष्ट्रव्यापी छात्र संगठन भी अब इस विरोध में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
निष्कर्ष: आंदोलन का भविष्य क्या?
- यदि प्रशासन जल्द ही छात्रों की मांगें मान लेता है, तो विश्वविद्यालय का संचालन सामान्य हो सकता है।
- VC के इस्तीफे को लेकर प्रशासनिक पेंच फंस सकता है, जिससे आंदोलन और लंबा खिंच सकता है।
- छात्रों की सेहत और पढ़ाई दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जिससे पूरे राज्य में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
पटना यूनिवर्सिटी की यह घटना न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के विश्वविद्यालयों के लिए एक बड़ा संदेश है। छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करना अब प्रशासन के लिए मुश्किल होता जा रहा है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार इस संकट का समाधान कैसे निकालते हैं।