UP में निपुण+ ऐप पर बड़ा अलर्ट! BSA, BEO, DCT, DIET मेंटर, SRG और ARP को सख्त निर्देश – Practice Test में बच्चों का अभ्यास बहुत कम, जल्दी सुधारो!

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UP में निपुण+ ऐप पर बड़ा अलर्ट!

भाई-बहनों, नमस्ते! आज 13 फरवरी 2026 है, और UP के बेसिक शिक्षा विभाग से एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। अपडेटमार्ट्स पर वायरल हो रहा है – “समस्त BSA, BEO/ DCT, DIET मेंटर, SRG एवं ARP कृपया ध्यान दें”।

ये कोई तबादला या पोस्टिंग का मामला नहीं है, बल्कि निपुण+ ऐप के Practice Test पर बच्चों के अभ्यास की प्रोग्रेस बहुत कम होने पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

मैंने आज ही ऑफिशियल लेटर और रिपोर्ट्स चेक कीं – जैसा कि मैंने देखा है, 10 फरवरी 2026 तक की रिपोर्ट में अपेक्षित स्तर से काफी पीछे हैं बच्चे। कक्षा 1 और 2 के बच्चों पर फोकस है।

चलिए डिटेल में बात करते हैं – क्या निर्देश हैं, क्यों जारी हुए, और आप (अगर टीचर हो या पैरेंट) क्या कर सकते हो।

मुख्य निर्देश क्या हैं? ऑफिशियल लेटर से सीधे

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने BSA, BEO/DCT, DIET मेंटर, SRG और ARP को ये सख्त निर्देश दिए हैं:

  • कक्षा 1 और 2 के हर बच्चे को निपुण+ ऐप में Practice Test अनिवार्य रूप से कराना है।
  • नियमित अभ्यास कराओ – रोजाना या हफ्ते में कई बार।
  • Test के रिजल्ट से देखो कि कौन सी दक्षताएं (स्किल्स) में बच्चे कमजोर हैं – उन पर विशेष अभ्यास कराओ।
  • स्कूल निरीक्षण, सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के समय निपुण+ ऐप के उपयोग और Practice Test की प्रगति की समीक्षा जरूर करो।
  • जनपदवार प्रगति ट्रैकर संलग्न है – मतलब हर जिले की रिपोर्ट देखकर सुधार करो।

ये निर्देश 10 फरवरी 2026 तक की मंथली रिपोर्ट के आधार पर आए हैं। फरवरी में अभी समय है – सुधार लाओ, वरना आगे बड़ा इश्यू हो सकता है। मेरी राय में, ये अच्छा स्टेप है क्योंकि निपुण भारत मिशन का मेन गोल है फाउंडेशनल लिटरेसी और न्यूमरेसी – अगर ऐप पर प्रैक्टिस नहीं हो रही, तो लक्ष्य कैसे पूरा होगा?

निपुण+ ऐप क्या है? क्यों इतना जोर?

निपुण+ ऐप UP सरकार का डिजिटल टूल है – बच्चों की पढ़ाई ट्रैक करने, प्रैक्टिस टेस्ट देने और प्रोग्रेस देखने के लिए। कक्षा 1-2 में FLN (Foundational Literacy & Numeracy) पर फोकस।

  • बच्चे ऐप पर टेस्ट देते हैं → रिजल्ट आता है → टीचर देखकर कमजोरी दूर करते हैं।
  • लेकिन रिपोर्ट कह रही है – अभ्यास अपेक्षित स्तर से बहुत कम है।
  • SRG (State Resource Group), ARP (Academic Resource Person), DIET मेंटर, BEO/DCT और BSA सबको जिम्मेदारी दी गई है कि ये सुनिश्चित करें।

अगर आप आगरा या UP के किसी स्कूल में हो, तो आपके स्कूल में भी ये चेक हो रहा होगा। कई टीचर्स कह रहे हैं कि ऐप यूज करने में दिक्कत आती है – इंटरनेट, डिवाइस, या बच्चों की आदत नहीं। लेकिन विभाग कह रहा है – अनिवार्य है!

टीचर्स और स्कूलों के लिए क्या मतलब?

  • टीचर्स: रोजाना क्लास में ऐप यूज कराओ, टेस्ट कराओ, कमजोर बच्चों पर एक्स्ट्रा क्लास लो।
  • BEO/DCT: अपने ब्लॉक में स्कूल चेक करो, रिपोर्ट बनाओ।
  • DIET मेंटर/SRG/ARP: ट्रेनिंग दो, मदद करो, प्रोग्रेस मॉनिटर करो।
  • अगर नहीं सुधरा तो: आगे निरीक्षण में नेगेटिव रिपोर्ट, या विभाग से नोटिस आ सकता है।

मेरी राय में, ये प्रेशर अच्छा है – लेकिन टीचर्स को सपोर्ट भी चाहिए। डिवाइस, इंटरनेट, ट्रेनिंग – ये सब उपलब्ध हो तो बच्चे बेहतर करेंगे।

अब क्या करें? मेरे कुछ प्रैक्टिकल टिप्स

  1. ऐप चेक करो – अगर टीचर हो तो निपुण+ ऐप डाउनलोड करो, लॉगिन करो, Practice Test शुरू करो।
  2. बच्चों को मोटिवेट – छोटे-छोटे रिवार्ड दो टेस्ट पूरा करने पर।
  3. कमजोर स्किल्स पर फोकस – जैसे अगर नंबर रिकग्निशन कमजोर है, तो एक्स्ट्रा प्रैक्टिस।
  4. रिपोर्ट ट्रैक – जनपदवार प्रगति ट्रैकर देखो (BSA ऑफिस से मिलेगा या ऐप में)।
  5. अगर समस्या – BSA या DIET से बात करो, या ग्रुप्स में शेयर करो।

आपको क्या लगता है? निपुण+ ऐप अच्छा काम कर रहा है आपके स्कूल में?

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