भाई-बहनों, नमस्ते! आज 15 फरवरी 2026 है, और UP बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग में बड़ा अलर्ट बज गया है। मिशन कर्मयोगी योजना के तहत अब इनएक्टिव कर्मचारियों (जिन्होंने कोई कोर्स नहीं किया) पर शासन स्तर से रिव्यू हो रहा है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने समस्त जनपदीय MDO/नोडल ऑफिसर को सख्त लेटर लिखा है – लगभग 1,20,000 अधिकारियों/कर्मचारियों ने अभी तक 1 भी कोर्स नहीं किया! इसमें टीचर्स, शिक्षा मित्र, प्रधानाध्यापक सब शामिल हैं। मैंने आज सुबह ही अपडेटमार्ट्स और ऑफिशियल अपडेट्स चेक किए – जैसा कि मैंने देखा है,
ये कोई छोटी बात नहीं। अगर सुधार नहीं हुआ तो आगे बड़ा इश्यू बन सकता है। चलिए डिटेल में बात करते हैं – कौन-कौन प्रभावित, क्या निर्देश हैं, और टीचर्स को क्या करना चाहिए।
सबसे पहले, मिशन कर्मयोगी क्या है और क्यों इतना जोर?
मिशन कर्मयोगी UP सरकार की स्किल डेवलपमेंट स्कीम है – टीचर्स, अधिकारी, क्लर्क, चपरासी सबके लिए ऑनलाइन कोर्स। ये iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर चलती है। मकसद है – सभी कर्मचारियों को अपडेटेड स्किल्स देना, खासकर AI, डिजिटल एजुकेशन, टीचिंग मेथड्स वगैरह में।
लेकिन रिपोर्ट चौंकाने वाली है:
- कुल इनएक्टिव कर्मचारी: लगभग 1,20,000
- ब्रेकडाउन (अधिकतम संख्या वाले):
- अध्यापक: 67,130
- शिक्षा मित्र: 17,825
- प्रधानाध्यापक: 16,084
- अनुदेशक: 2,685
- चपरासी: 1,738
- सहायक: 885
- वरिष्ठ सहायक: 225
- प्रवक्ता: 151
- BEO: 141
ये नंबर देखकर लगता है कि ज्यादातर फील्ड लेवल पर टीचर्स और सपोर्ट स्टाफ हैं। मेरी राय में, कई जगह इंटरनेट, समय या अवेयरनेस की कमी होगी, लेकिन अब बहाना नहीं चलेगा – शासन स्तर से रिव्यू हो रहा है!
महानिदेशक के सख्त निर्देश क्या हैं?
लेटर में क्लियर लिखा है:
- अपने जनपद के इनएक्टिव कर्मचारियों को चिन्हित करो।
- न्यूनतम 3 कोर्स कराना सुनिश्चित करो।
- इनमें से 1 कोर्स AI से संबंधित होना चाहिए (जैसे AI in Education या बेसिक AI टूल्स)।
- ये काम जल्दी से जल्दी पूरा करो – क्योंकि शासन से समीक्षा चल रही है।
- नोडल ऑफिसर (MDO) जिम्मेदार होंगे – प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजनी होगी।
अगर नहीं हुआ तो? आगे क्या होगा – ये क्लियर नहीं, लेकिन पिछले मामलों से पता है कि नोटिस, वार्निंग, या परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है। टीचर्स के लिए ये अच्छा भी है – कोर्स करने से स्किल्स बढ़ेंगी, प्रमोशन या इंक्रीमेंट में मदद मिल सकती है।
अगर आप टीचर/शिक्षा मित्र/प्रधानाध्यापक हो, तो क्या करें?
- तुरंत चेक करो – iGOT Karmayogi ऐप या karmayogi.gov.in पर लॉगिन करो (Aadhaar या ऑफिशियल ID से)।
- कोर्स सिलेक्ट करो – न्यूनतम 3 चुनो, जिसमें 1 AI वाला। फ्री कोर्स हैं, 2-4 घंटे के छोटे-छोटे।
- कंप्लीट करो – सर्टिफिकेट जनरेट होगा – स्क्रीनशॉट रखो या रिपोर्ट में यूज करो।
- अपने BSA/BEO से बात करो – अगर लिस्ट में नाम है, तो जल्दी बताओ कि कोर्स शुरू कर दिया।
- समस्या हो तो – लोकल DIET या नोडल ऑफिसर से मदद लो। इंटरनेट इश्यू हो तो स्कूल कंप्यूटर यूज करो।
आगरा में हो तो हमारे यहां कई टीचर्स ग्रुप्स में डिस्कशन चल रहा है – कुछ कह रहे हैं “AI कोर्स आसान है, बस कर लो”। लेकिन जो नहीं कर रहे, उन्हें अब जल्दी करनी पड़ेगी।
आपको क्या लगता है?
ये सख्ती अच्छी है या टीचर्स पर एक्स्ट्रा बोझ? मिशन कर्मयोगी से स्किल्स बढ़ेंगी या सिर्फ फॉर्मेलिटी? अगर आपने कोर्स कर लिया है या लिस्ट में नाम है, तो कमेंट में बताओ – कितने कोर्स पूरे किए? या AI वाला कोर्स कैसा लगा?
देखते हैं आगे क्या होता है – अगर नया अपडेट आया (जैसे डेडलाइन या रिपोर्ट), तो अगले पोस्ट में जरूर बताऊंगा।
